ज़िन्दगी सितार हो गई ,
लहसुन का अचार हो गई,
मेरी गर्ल फ्रेंड ग़ज़नी देख कर बीमार हो गई,
और एक दूसरी लड़की से मेरी आँखें चार हो गई ||
-- प्रेरणा स्रोत :- साइको
Friday, 20 February 2009
Wednesday, 18 February 2009
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मेरी कविता उसके पेज, एक प्रयास है हर नर और नारी के अंतर्मन में छुपे हुए कवि को अपनी प्रतिभा को निखारने का एक अवसर देने का, एक प्रयास है कवि मन की भावनाओं को निःसंकोच प्रकट करने हेतु मंच प्रदान करने का और एक प्रयास है सभी समान विचारधारा के लोगों को एकछत्र लाने का, इस कविता संकलन में सम्मिलित करे इस संकलन में कविता प्रस्तुत करने हेतु कविता किसी भी रूप या किसी भी भाषा में कही जा सकती है